सुप्रीम कोर्ट का फैसला, भविष्य की संभावनाओं के आधार पर मिलेगा मुआवजा

downloadसुप्रीम कोर्ट ने एक अहम फैसला लेते हुए कहा है कि सड़क दुर्घटना में मारे गए व्यक्ति की भविष्य की संभावनाओं को देखते हुए अब मुआवजा राशि तय होगी न कि केवल मौजूदा आय पर। चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली 5 सदस्यीय संविधान बेंच ने यह फैसला सुनाया है। बेंच ने पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के निर्णय के खिलाफ नैशनल इंश्योरंस कंपनी लि. की याचिका सहित 27 याचिकाओं पर सुनवाई के बाद यह फैसला सुनाया।
बेंच ने एक गाइडलाइन बनाते हुए कहा कि मृतक के भविष्य की संभावनाओं को देखना भी अनिवार्य होगा। मुआवजा तय करते समय यह देखना होगा कि मृतक स्थायी नौकरी करता है या फिर उसका अपना कारोबार है। भविष्य की संभावनाओं को देखते हुए अगर मृतक स्थायी नौकरी में है तो मृतक के वेतन का 50 फीसदी मुआवजा भविष्य की कमाई की संभावनाओं के हिसाब से मिलना चाहिए। अगर मृतक का अपना कारोबार है तो उसे 40 फीसदी मुआवजा मिलना जरूरी है। अलग-अलग उम्र के मृतकों के लिए अलग-अलग सीमा तय की गई है। अगर मृतक 40-50 उम्र के बीच का है तो उसके लिए यह मुआवजा 30 प्रतिशत, 50-60 वर्ष वाले मृतक के लिए यह 15 पर्सेंट तक हो सकता है।

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