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कराएं ग्वासा थेरेपी से इलाज: डॉ. शिल्पा

संजीवनी आयुर्वेदिक क्लीनिक में विशेष थेरेपी से शरीर को डिटॉक्सिफाई किया जाता है

13327380_10153707804640735_2753242155584962008_nपंचकूला। इन दिनों आहार-विहार के कारण शरीर में बहुत सारे विषाक्त कण पैदा हो जाते, जिन्हें हम टॉक्सिन्स के नाम से जानते हैं। यह टॉक्सिन्स शरीर में रह कर बीमारियों को न्यौता तो देते ही साथ में किसी भी थेरेपी या दवा का असर भी पूर्ण रूप से शरीर में नहीं होने देते। यह
कहना है संजीवनी आयुर्वेदिक क्लीनिक की संचालक डा. शिल्पा जैन का। उन्होंने कहा कि शरीर से टॉक्सिन्स को निकालने की विधि को डिटॉक्सिफिकेशन कहते हैं। आज इस विषाक्तता को दूर करने के बहुत साधन हैं, जैसे पानी पीना, एंटीआॅक्सीडेंट्स का सेवन आदि, पर इन विधाओं से शरीर एकदम टॉक्सिक फ्री नहीं होता। संजीवनी आयुर्वेदिक क्लीनिक में बहुत ही प्रभावशाली थेरेपी द्वारा शरीर को डिटॉक्सिफाई किया जाता है। इस थेरेपी का नाम है ग्वासा थेरेपी। यह थेरेपी एक विशेष बोर्ड व तेल से की जाती है। इससे संपूर्ण शरीर के टॉक्सिन्स तो निकाले ही जाते हैं, जिनको आप आंखों से देख सकते हैं। इस शैली से कई फ्रोजन शेल्डर, सर्वाइकल, बैक एक, साइटिका, ओबेसिटी के रोगियों को लाभ मिल चुका है। ग्वासा थेरेपी लूज त्वचा को टाइट भी करती है। मोटापे के रोगी जिनका मांस लटकने लगता है, उनमें यह थेरेपी बहुत प्रभावकारी परिणाम देती है।