Panchkula Special

आरटीआई एक्ट के तहत जानकारी न देने पर दो अफसरों को 75-75 सौ का जुर्माना

दोनों अफसर रहे पंचकूला नगर निगम में, स्टेट इन्फार्मेशन कमिशन हरियाणा ने दिया ‘झटका’

सिटी न्यूज7, पंचकूला। यह खबर आम आदमी को राहत देने वाली है। अगर आप आरटीआई एक्ट के तहत किसी विभाग से कोई जानकारी मांगते और नहीं मिलती तो संबंधित अधिकारी, जो एक्ट के तहत जवाब देने के लिए अधिकृत है, को महंगा पड़ सकता है। इसका प्रमाण है नगर निगम पंचकूला। दो अधिकारियों को आरटीआई एक्ट के तहत पीवीजीवी ग्रुप के डॉ. बी.एल. टंडन को समय रहते पूरी जानकारी न देने के एवज में स्टेट इन्फॉर्मेशन कमिशन हरियाणा ने 75-75 सौ रुपए का जुर्माना ठोक दिया है। दोनों अफसरों को जुर्माने की रकम जेब से कमिशन के पास जमा करानी होगी और ऐसा न करने पर नियमानुसार कार्रवाई हो सकती है।

स्टेट इन्फॉर्मेशन कमिश्नर हेमंत अत्री ने अनिल मेहता, जो पंचकूला में निगम के एसई रहे और इन दिनों करनाल में चीफ इंजीनियर हैं, को 75 सौ रुपए जुर्माना लगाया है। इसी तरह अरविंद बाल्यान, जो अभी निगम में कार्यकारी अधिकारी हैं, को भी 75 सौ रुपए जुर्माना ठोका गया है। कार्यकारी अभियंता प्रवीण सिंगला और एसई डी.के. मंगला को नोटिस देते हुए 31 जुलाई को पर्सनली हाजिर होने का आदेश कमिशन ने दिया है। अगर दोनों अफसर कमिशन के समक्ष पेश न हुए तो मैरिट के आधार पर एक्स पार्टी डिसीजÞन की बात हेमंत अत्री ने कही है।

गौरतलब है कि टंडन ने निगम से आरटीआई एक्ट के तहत टंडन ने कमिशन के समक्ष अपनी शिकायत की पैरवी खुद की। उन्होंने कमिशन को बताया कि 30 नवंबर 2015 को निगम से मांगी गई जानकारी 3 नवंबर 2016 को कार्यकारी अधिकारी ने 10 महीने लेट दी थी। संबंधित जानकारी 3 मार्च 2017 और 10 अप्रैल 2017 को भी दी गई। उल्लेखनीय है कि 3 मार्च के जवाब में कार्यकारी अधिकारी ने दावा किया कि रिकॉर्ड के अनुसार कोई जांच नहीं हुई। वहीं, 10 अप्रैल के जवाब में कहा कि उनके कार्यालय में ऐसा कोई रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है। कमिशन ने सुनवाई के दौरान यह माना कि निगम में आरटीआई एक्ट को लागू करने के मामले में गंभीरता से काम नहीं किया जा रहा। 10 महीने बाद जवाब देना नगर निगम की घटिया कार्यशैली को प्रदर्शित करता है, जिसे हल्के से नहीं लिया जा सकता। मसला

पार्कों की मेंटीनेंस को लेकर जारी फर्जी भुगतान, सेक्टर 15 में सड़क की रिकार्पेटिंग के मामले में ठेकेदार को बीसी लेयर (बिटुमेन कंक्रीट लेयर) के एवज में किए गए भुगतान और सेक्टर 4 में मकान नंबर 101, 129 और 1163 के सामने पार्क में बनाए गए रेन शेल्टर की इंस्टॉलेशन करने वाले ठेकेदार को किए गए फाइनल भुगतान का है।

कमिशन ने टंडन का पक्ष सुनने के बाद आरटीआई एक्ट के तहत अरविंद बाल्यान, अनिल मेहता, डी.के. मंगला और राधेश्याम को शो कॉज नोटिस जारी किया था कि क्यों न उन्हें टंडन की शिकायत समय रहते अटेंड न करने पर 250 रुपए से 25 हजार रुपए तक का जुर्माना लगा दिया जाए। इसका जवाब 30 जून की सुनवाई में देना होगा, पर संबंधित अफसरों ने कमिशन के आदेश को हल्के से लिया और नतीजा अब आपके सामने है।