लोकेश चड्ढा/पंचकूला। नगर निगम की मार्फत जिला बाल कल्याण अधिकारी कार्यालय ने रेड क्रास सोसाइटी के सहयोग से बीते मंगलवार से सेक्टर-८,९,१० की बाहरी मार्केट्स (सेक्टर ५ के सामने) पेड पार्किंग लागू की और यह न सिर्फ शहरवासियों/आम लोगों के लिए सुखद अनुभव रहेगा।
आगे भी निगम के स्तर पर चरणबद्ध तरीके से सिर्फ एक्सटर्नल मार्केंटों में ही पेड पार्किंग लागू होगी क्योंकि इन्टर्नल मार्केट्स में पार्किंग की स्पेस तो पहले ही तंगी रहती है। यह कहना है स्थानीय विधायक और हरियाणा विधानसभा के स्पीकर ज्ञानचंद गुप्ता का। उन्होंने कहा कि पेड पार्किंग के मद्देनजर लोगों को इस नई व्यवस्था के साथ हर तरह का सहयोग करना चाहिए।
इसके लागू होने से नगर निगम की आमदनी बढ़ेगी। भारत सरकार की नीति के तहत सरकार से मैचिंग ग्रांट उतनी ज्यादा मिलेगी जितना नगर निगम की आमदनी होगी। जाहिर है कि पेड पार्किंग से होने वाली आमदनी नगर निगम के जरिए बढऩे से भारत सरकार से शहर के विकास के लिए ज्यादा पैसा लिया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि बीते अर्से में उन्हें जो फीडबैक मिली, उसमें ये भी था कि पार्किंग्स रेगुलेट न होने के चलते बहुत से लोग अपने वाहन मनमर्जी से खड़े कर जाते। इससे दूसरे लोगों को परेशानी पेश आती लेकिन वे कुछ बोल नहीं पाते थे।
अगर बोलते तो कहा-सुनी या फिर झगड़े तक भी हो जाते। यानी ला एंड आर्डर का मसला भी पार्किंग से जुड़ा रहता है। इसी तरह पार्किंग एरिया में बहुत से अनवांछित लोग भी अवैध रूप से कब्जे करते रहते हैं।
मार्केटों की एसोसिएशन लेवल पर पार्किंग को रेगुलेट नहीं किया जा रहा सो पहले निगम से ट्रायल रन के तहत फ्री-पार्किंग को रेगुलेट किया गया। ज्ञानचंद गुप्ता ने कहा कि वाहन पार्किंग न सिर्फ वाहनों को खड़ा करने का मसला बल्कि वाहनों की सेफ्टी भी इससे जुड़ी रहती है। जहां भी पेड पार्किंग होगी, संबंधित ठेकेदार सुबह ७ बजे से रात ११ बजे तक हरेक उस वाहन की सेफ्टी भी सुनिश्चित करेगा जो पर्ची कटवाएगा।
आजकल ५-१० रुपये खर्च करना कोई बड़ी बात नहीं
ज्ञानचंद गुप्ता का कहना है कि चंडीगढ़ में पेड पार्किंग कई साल से लागू और वहां लोग सहयोग कर रहे हैं। लोगों को बहुत से वाहन पार्किंग के एवज में ५-१० रुपये खर्च करने में दिक्कत नहीं और वे चाहते हैं कि उनके वाहन सुरक्षित रहें क्योंकि वाहन चोरी होने का डर वहीं रहता जहां वाहन बिना किसी निगरानी के खड़े किए जाते हैं। यूं भी आजकल बहुत से लोगों के पास महंगी कारें और वे चाहते कि उन कारों को पार्किंग एरिया में कहीं नुकसान न हो लिहाजा पेड पार्किंग में व्यवस्थित ढंग से कारें खड़ी होंगी, सो किसी को भी नुकसान का डर नहीं रहेगा।