Health Panchkula

ओजस हॉस्पिटल देगा पंचकूला को विकल्प

   सेक्टर 26 में तैयार है मल्टीस्टोरी बिल्डिंग, श्रीगणेश अगले महीने

कपिल चड्ढा, पंचकूला। अफोर्डेबल ट्रीटमेंट विद लेटेस्ट मेडिकल इक्विपमेंट्स एंड स्पिरिट आॅफ सर्विस टू द ह्यूमेनिटी… इसी सोच के साथ पंचकूला के सेक्टर 26 में 120 बेडेड ‘ओजस’ मल्टी सुपर स्पेशियलिटी  हॉस्पिटल  अगले महीने शुरू होने जा रहा है। गवर्नमेंट पॉली क्लीनिक के पास ओजस हॉस्पिटल की मल्टीस्टोरी बिल्डिंग एक एकड़ जगह में बनी है।

ओजस हॉस्पिटल, ट्राईसिटी (पंचकूला, मोहाली व चंडीगढ़) में पहला निजी अस्पताल होगा, जहां हरेक बीमारी का इलाज तो मिलेगा ही कुछ एक्सक्लूसिव चिकित्सा सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी, जो गंभीर किस्म के मरीजों की जान बचाने में सहायक साबित होंगी, जोकि अन्य प्रतिष्ठित अस्पतालों में अभी तक उपलब्ध नहीं है।

सीधे शब्दों में कहें तो ओजस हॉस्पिटल, पंचकूला में अलकेमिस्ट हॉस्पिटल और चंडीगढ़ समेत मोहाली के चुनिंदा निजी अस्पतालों का विकल्प बनने जा रहा, जो पिछले कई सालों से चल रहे हैं। यानी, ओजस हॉस्पिटल के शुरू होने पर शहर व आसपास के क्षेत्र में रह रहे लाखों परिवारों के लिए यह आॅप्शन उपलब्ध हो जाएगी कि वे किसी इमरजेंसी में अथवा अन्य जांच व इलाज के लिए किस हॉस्पिटल को प्रेफर करेंगे।

ओजस हॉस्पिटल की बिल्डिंग सात मंजिला है। इनमें दो स्टोरी बेसमेंट हैं। यानी, गाड़ियों की पार्किंग के लिए पर्याप्त जगह उपलब्ध रहेगी, जबकि अलकेमिस्ट अस्पताल में पार्किंग को लेकर लोग अक्सर परेशान होते हैं। ओजस हॉस्पिटल के डायरेक्टर व सीनियर कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. अनुराग शर्मा ने पंचकूला सिटी न्यूज7 को बताया कि ओजस हॉस्पिटल की मैनेजमेंट का मुख्य उद्देश्य मरीजों को बेहतर ट्रीटमेंट अफोर्डेबल चार्जेज में मुहैया करना है। इसके लिए  बिलिंग पैटर्न को पेशेंट फ्रेंडली बनाया गया है। कोशिश रहेगी कि चंद घंटों के लिए अस्पताल में भर्ती मरीज से चार्जेज पूरे दिन के न लिए जाएं। इसी तरह चुनिंदा जरूरतमंद मरीजों का इलाज पीजीआई में लिए जा रहे चार्जेज पर भी मुहैया कराया जाएगा।

हार्ट की बाईपास सर्जरी 1.75 लाख रुपए के बेसिक पैकेज में उपलब्ध होगी, जैसा कि पीजीआई में चार्ज किया जाता है। ओजस में बाईपास सर्जरी करने वाली मेडिकल टीम बहुत उम्दा होगी। इनमें कई डॉक्टर्स आॅस्ट्रेलिया से प्रशिक्षित होंगे।

डॉ. अनुराग के अनुसार उनकी मां कमला शर्मा की याद में ‘कमला देवी मेमोरियल चैरिटेबल सोसायटी’ बनी हुई है। लिहाजा, सोसायटी की तरफ से भी कुछ जरूरतमंद  मरीजों की मदद की जाएगी। उन्होंने बताया कि ओजस हॉस्पिटल में लेटेस्ट इक्विपमेंट्स के साथ ब्लड बैंक भी अगले 6 महीने में शुरू हो जाएगा। इसके लिए औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं। अगले दो साल में यहां किड्नी ट्रांसप्लांट की सुविधा भी मिलने लगेगी। इसी तरह धीरे-धीरे कैंसर का इलाज भी मुहैया कराया जाएगा। कुल मिलाकर पंचकूला का ओजस हॉस्पिटल पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश के रहने वाले परिवारों के लिए ‘आशा की किरण’ बनेगा, क्योंकि कुछ अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाएं यहां मिलेंगी, जो तीनों प्रदेशों में सरकारी अथवा निजी अस्पतालों में उपलब्ध नहीं हैं।

ओजस में एक्सक्लूसिव

’               एक्मो (एक्स्ट्रा कार्पोरियल मेंबरेन आॅक्सजीनरेटर), मरीज के मल्टी आॅर्गन्स फेलियर जैसे गंभीर मरीजों के इलाज में मददगार होगा, जैसा कि तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री जय ललिता के इलाज में यूज किया गया था।

’               कैथ लैब में आईवीयूएस (कश्वर) कॉम्प्लेक्स एंजियोप्लास्टी को सरल बनाने में मदद करते हुए मरीज के हार्ट में डले स्टंट में ब्लॉकेज डाइग्नोस करने में मददगार होगा।

’               एफएफआर (ऋऋफ) जो क्लीयर करेगा कि मरीज के हार्ट में बॉर्डर लाइन ब्लॉकेज के रहते स्टंटिंग करनी चाहिए या दवाइयों से काम चल सकता है।

’               मेडिकल आईसीयू में क्रॉस इन्फेक्शन रोकने के लिए मरीजों के बेड्स में ज्यादा स्पेसिंग मिलेगी, क्योंकि स्पेस कम होने से इन्फेक्शन होने की संभावना ज्यादा रहती है।