हेकड़ी टूटी बूथ वाले की, अभी और कई हैं ऐसे

सेक्टर-9 में फ्रूट पैराडाइज़ ने बंद किया साइड गेट, मुद्दा उठा था पंचकूला सिटी न्यूज़ 7 में

कपिल चड्ढा, पंचकूला। लो देख लो सेक्टर-9 में ‘फ्रूट पैराडाइज़’ वाले बूथ मालिक की हेकड़ी टूट गई और उसने नियम- कायदों के खिलाफ खोला गया साइड गेट बंद कर दिया है। देखिए तस्वीर। इसी संबंध में पंचकूला सिटी न्यूज़7 ने बीते 22 और 29 अगस्त को तस्वीर सहित खबर छापकर शहर वासियों और इस्टेट आफिस को सर्वे ब्रांच की ढुलमुल कारगुजारी की जानकारी दी थी।
खबर का असर सामने आया और अलाटी ने साइड गेट बंद कर दिया है। बताना जरूरी है कि पंचकूला में इस बूथ मालिक जैसे कई अलाटी हैं जिन्होंने हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के रूल्स के खिलाफ जाकर अपने यहां अवैध कंस्ट्रक्शन कर रखी है। देखिए बाकी तस्वीरें।
सब जानते हैं कि गलत काम तो गलत ही होता है भले ही कोई भी करे। सेल्यूट है ममता शर्मा, इस्टेट ऑफिसर पंचकूला को, जो सर्वे ब्रांच की मार्फत बिल्डिंग बायलॉज/ आर्किटेक्चर्ल कंट्रोल की वायलेशंस करने वाले अलॉटियों को नए सिरे से कानून की जद में ला रही हालांकि ऐसे अलाटी ये सोचकर मौज मना रहे थे कि वे बच गए हैं। पर…नहीं।
जानकारी के अनुसार, बीते अर्से में सर्वे ब्रांच की मिलीभगत से सेक्टर 20 में गोपाल स्वीट्स के अलॉटी को फायदा देते हुए बीते अर्से में फाइल बंद कर दी गई थी, जिस पर फिर से सेक्शन 17(4) ‘पर्सनल हियरिंग’ का नोटिस दिया जा रहा है। यहां अलॉटी ने अवैध रूप से फसाड बना रखा, जो नहीं बनाया जा सकता। जाहिर है कि अब या तो अलॉटी फसाड हटाएगा या फिर इस्टेट ऑफिस नियमानुसार बिल्डिंग रिज्यूम करने की कार्रवाई करेगा। इसी तरह सेक्टर 9 में बेकर्स लॉन्ज को 17(4) का नोटिस दिया गया है। इस शोरूम की छत पर कमर्शियल एक्टिविटी की तैयारी चल रही थी, जिस पर सर्वे ब्रांच ने संज्ञान लिया है। उधर, सेक्टर 16 में सर्विस बूथ नंबर 33 के अलॉटी को इस्टेट ऑफिस सेक्शन 17(3) का नोटिस दे रहा, क्योंकि पहली मंजिल और बेसमेंट की कंस्ट्रक्शन मंजूर की गई थी स्टोरेज पर्पज के लिए लेकिन नीचे प्रॉपर्टी डीलर का ऑफिस और ऊपर सैलून व बेसमेंट में कैबिन बना दिए गए, जिनमें एक में लैब चल रही है। इस्टेट ऑफिस के अनुसार, सर्विस बूथ के अलॉटी को अलॉटमेंट व अप्रूवल की शर्तों के तहत सैलून भी हटवाना पड़ेगा और बेसमेंट में बने कैबिन भी हटवाने पड़ेंगे, वर्ना इस्टेट ऑफिस नियमानुसार कार्रवाई करते हुए बिल्डिंग रिज्यूम करने तक भी जा पहुंचेगा। गौरतलब है कि इस्टेट ऑफिस, की सर्वे ब्रांच की मार्फत बिल्डिंग बायलॉज और आर्किटेक्चर्ल कंट्रोल का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई करने के लिए अधिकृत है। यह सर्वे ब्रांच बीते कई सालों से ‘मनमौजी’ रवैया अपनाए हुए थी। नतीजतन शहर में दोनों किस्म की वायलेशंस बहुत ज्यादा बढ़ गईं। अगर कोई एजेंसी ईमानदारी से सेक्टरों का सर्वे करे तो  रेजिडेंशियल, कमर्शियल व इंडस्ट्रियल अलॉटियों ने अपने यहां बहुत से ऐसे बदलाव कर लिए, जो नियमानुसार नहीं किए जा सकते। रेजिडेंशियल प्लॉटों पर बहुत सी कंस्ट्रक्शंस ऐसी भी मिल जाएंगी, जो नहीं हो सकती थीं। मिसाल के तौर पर फ्रंट या बैक कोर्ट यार्ड की बाउंड्री वॉल को ही लोड बीयरिंग वॉल बना लिया गया, जबकि नियमानुसार ऐसा करना संभव ही नहीं था।

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