लोक सर्वहितकारी सोसायटी ने पूछा, डिवाइडिंग रोड्स पर भारी-भरकम ग्रिल्स क्यों? 

नगर निगम से पूछा, लोक सर्वहितकारी सोसायटी के चेयरमैन राकेश अग्रवाल ने
सिटी न्यूज7 ,पंचकूला। लोक सर्वहितकारी सोसायटी के चेयरमैन राकेश अग्रवाल ने नगर निगम के कमिश्नर को चिट्ठी लिखकर पूछा है कि शहर में सेक्टरों की डिवाइडिंग रोड्स पर टनों भारी ग्रिल किस स्टेंडर्ड के तहत लगाई जा रही हैं।
इसी चिट्ठी की कॉपी अग्रवाल ने मुख्यमंत्री समेत कई अन्य अधिकारियों को भी भेजी है। इसमें कहा गया है कि सोसायटी आपके संज्ञान में ला रही कि नगर निगम शहर की डिवाइडिंग रोड्स पर और कई जगह खुले मैदानों में मोटी और भारी लोहे की ग्रिल लगाकर सरकारी खजाने से मोटा पैसा खर्च कर रही है।
अग्रवाल ने पूछा है कि सोसायटी जानना चाहती है कि निगम ये ग्रिल्स क्या किसी स्टेंडर्ड के हिसाब से लगवा रही है या जो दिल में आया के हिसाब से लगवा रही है। उन्होंने कहा कि ग्रिल्स लगाने का मकसद आवारा जानवरों को सड़क पार करने से रोकना और साथ में लोगों को आवारा पशुओं ्रकी मार से बचाना है। लेकिन जिस तरह से भारी ग्रिल्स निगम द्वारा लगवाई जा रही हैं, लगता है कि यह सिर्फ बिलों की रकम बड़ी बनाने के लिए किया जा रहा है। सभी जगहों पर वजन में कम और स्क्वेयर पाइपों की ग्रिल जो बहुत ही सस्ती बन सकती, भी लगवाई जा सकती थी। लेकिन निगम खुले हाथों से पैसों की बर्बादी कर रहा है।
अग्रवाल ने लिखा है कि रोहतक और करनाल समेत कुछ शहरों में सड़कों पर लगी ग्रिल्स की फोटो भेज रहे हैं जो दर्शाती हैं कि कम लागत पर भी परपज सॉल्व किया जा सकता है, बशर्ते कि नीयत साफ हो।
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