Panchkula Special

हुडा कम करेगा पानी का बिल , सरकार जल्द करेगी घोषणा, पर राहत मिलेगी थोड़ी

sssकपिल चड्ढा, पंचकूला। जी हां, यह सच है। हरियाणा सरकार अगले कुछ दिनों में पानी के बिल कम करने जा रही है। पानी व सीवरेज दोनों के रेट्स में कम करने का प्रस्ताव सरकार के विचाराधीन है। इसके लिए एक उच्चस्तरीय मीटिंग हो चुकी है। जाहिर है कि सरकार, मुख्यमंत्री की अप्रूवल मिलने के बाद अगले कुछ दिनों में पानी-सीवरेज की दरों में कुछ रियायत देने का एलान कर देगी।
पर… पंचकूला सिटी न्यूज7 का पुख्ता मानना है कि सरकार पानी के बिलों में बहुत ज्यादा राहत देने के मूड में नहीं है। सीवरेज की दरों में कटौती तो सभी वर्ग के उपभोक्ताओं को दी जा सकती, लेकिन पानी के बिल में राहत उन घरों तक सीमित रखी जा सकती, जिनकी खपत कम है। यूं मानिए कि चार मरले तक के घरों में रहने वाले परिवारों को सरकार पानी के बिल में कुछ राहत देने के मूड में है। जानकारी के अनुसार सीवरेज की दरें बीते 1 जून से पानी के कुल बिल का 25 प्रतिशत के हिसाब से वसूली जा रही हैं। इन्हें बामुश्किल 5 से 7 प्रतिशत तक कम किया जा सकता है। यानी, कुछ राहत हर परिवार को मिलना तय है। लेकिन… पानी के बिल में नई लागू दरों के तहत 20 यूनिट तक 5 रुपए प्रति यूनिट और उससे ज्यादा खपत पर 10 रुपए यूनिट के हिसाब से वसूले जा रहे हैं। अब सरकार न्यूनतम खपत करने वालों के लिए नई स्लैब भी घोषित कर सकती है। इस स्लैब में कितने यूनिट तक की खपत को कवर किया जाएगा, हुडा की रिवाइज्ड नोटिफिकेशन जारी होने पर ही पता लगेगा।
जानकारों का कहना है कि सरकार के स्तर पर पानी-सीवरेज के बिलों में ज्यादा कटौती न कर पाने की वजह साफ है कि हुडा, जो पंचकूला समेत राज्य के कई अर्बन इस्टेट्स में पानी की सप्लाई व सीवरेज की मैनेजमेंट मुहैया कर रहा, वित्तीय रूप से घाटे में सेवाएं दे रहा है। हुडा ने पिछली बार पानी व सीवरेज की दरें वर्ष 2001 में रिवाइज की थी। उससे पहले 1996 में रेट रिवाइज किए गए थे।
लिहाजा, मुख्यमंत्री कार्यालय के स्तर पर हाल ही में बुलाई गई उच्चस्तरीय मीटिंग में हुडा के अफसरों ने साफ कर दिया कि 16 सालों के बाद पानी-सीवरेज की दरें रिवाइज की गई हैं। पिछली सरकार में भी प्रपोजल भेजी गई थी लेकिन मंजूर नहीं की गई। ऐसे हालात में बीते 16 सालों में पानी-सीवरेज मैनेजमेंट से जुड़े सिस्टम के बिजली बिलों, रखरखाव समेत अन्य मदों का खर्चा तो बेतहाशा बढ़ा ही, हुडा के स्टाफ की सैलरी में भी काफी इजाफा हो चुका है।
कुल मिलाकर हुडा को लागत के एवज में औसतन 15 प्रतिशत ही मिलता रहा, जो बीते 1 जून से रेट रिवाइज होने के बाद करीब 25 प्रतिशत तक हो चुका जोकि बहुत ज्यादा है।
एसोसिएशंस ने जताया था रोष, समर्थन किया विधायक ज्ञानचंद गुप्ता ने भी
हुडा ने जब 1 जून 2017 से लागू पानी-सीवरेज की रिवाइज दरों के हिसाब से पंचकूला में बिल जारी किए तो शहर में सक्रिय कई संस्थाओं ने मीडिया में बयान जारी कर रोष तो जताया ही, हुडा के मुख्य प्रशासक जे. गणेशन से मिलकर सरकार के नाम रिप्रेजेंटेशन देकर बढ़ी हुई दरें कम करने का आग्रह किया था। विधायक ज्ञानचंद गुप्ता ने भी सरकार को लिखित रूप में आग्रह किया था कि पानी-सीवरेज की दरों में कुछ कटौती की जाए। अब देखने वाली बात ये है कि सरकार जितनी राहत देने जा रही, उतनी शहरवासियों को हजम होती या नहीं।