Panchkula Special

हुडा के ट्यूबवेल पर चल रहा ‘गोरखधंधा’!

बाहर ढेर लगा रहता बाजार में बिकने वाली 20-20 लीटर की बोतलों का

unnamedकपिल चड्ढा, पंचकूला। क्या ‘मंदी’ के दौर से गुजर रहा हुडा अब ट्यूबवेलों से सीधे पानी भी बेचने लगा है, यह सवाल उठ रहा है रोजाना कई लोगों के जेहन में जो देखते हैं हुडा के ट्यूबवेल के बाहर पानी की बोतलों का लगा ढेर। जवाब हुडा के अफसरों को देना है कि क्या है सच। देखिए तस्वीर। ये हैं दो तस्वीरें सेक्टर 20 में जीएच-79 से सटे हुडा के ट्यूबवेल नंबर जी-6 की।

इस ट्यूबवेल के बाहर रोजाना सैकड़ों की तादाद में 20-20 लीटर पानी की बोतलों की लोडिंग/अनलोडिंग होती है, जो घरों, दुकानों व आॅफिसेज व अन्य जगहों पर डिस्पेंसर पर यूज होती हैं। मजे की बात है कि जिस ट्यूबवेल पर यह ‘गोरखधंधा’   चल रहा, ये ट्यूबवेल सेक्टर 20/21 की डिवाइडिंग रोड पर बिल्कुल सड़क किनारे और पंचकूला व पीरमुछल्ला (पंजाब सीमा) के बॉर्डर पर है। ट्यूबवेल से चंद कदमों पर रोज हरियाणा पुलिस का नाका लगता है। मजे की बात ये है कि सरकारी ट्यूबवेल से सरेआम भरी हुई बोतलें ट्रकनुमा चौपहिया वाहनों पर लोड/अनलोड होती हैं। ऐसे में देखने वाले आम आदमी के मन में यही सवाल उठता है कि ट्यूबवेल से पानी बेचा जा रहा जबकि इस तरह से पानी बेचने की न तो हुडा की पॉलिसी है और न ही किसी अधिकारी ने मौखिक या लिखित तौर पर अनुमति दी होगी।

दूसरे शब्दों में माना जाए कि सरकारी ट्यूबवेल से गैर-सरकारी हाथों को पानी बेचने का ‘गोरखधंधा’ ट्यूबवेल आॅपरेटर्स की सहमति से ही चल रहा और हुडा के अफसर सो रहे हैं। जानकारों का कहना है कि इस ट्यूबवेल से 20-20 लीटर की बोतलों में पानी भरने का धंधा पिछले कई महीनों से सरेआम चल रहा है। रोजाना पानी भरने वाले अपनी सुविधा के अनुसार खाली बोतलें लाकर ट्यूबवेल की बाउंड्री वॉल (सरकारी जमीन) के पास सलीके से रख  देते हैं। जब भी मौका मिलता, ट्यूबवेल आपरेटर बाहर पड़ी खाली     बोतलें भर देते हैं। गौरतलब है कि पंचकूला में हुडा के करीब 195 ट्यूबवेल हैं। इन्हें चलाने की जिम्मेदारी मुख्य रूप से आउटसोर्सिंग के तहत काम कर रहे स्टाफ की है। निगरानी के लिए संबंधित सेक्टरों के जेई / एसडीओ बतौर नोडल अफसर तैनात हैं।

शक! इसलिए ‘खरीदा’ जा रहा हुडा का पानी, यह क्लोरोनाइज्ड है

बोतलबंद पानी बेचने वाले समझदारी बरतते हुए हुडा के ट्यूबवेल से पानी ले रहे हैं, क्योंकि यह पानी क्लोरोनाइज्ड होने के नाते पीने के लिए सुरक्षित रहता है। जाहिर है कि हुडा का ट्यूबवेल सुबह-शाम पानी की प्रॉपर क्लोरीनेशन करता है। दूसरी तरफ, अगर बोतलबंद पानी बेचने वाले दाएं-बाएं जीरकपुर एरिया से कहीं पानी भरेंगे तो उसमें प्रॉपर क्लोरीनेशन की गारंटी नहीं हो सकती, लिहाजा जहां भी पानी सप्लाई होगा, किसी को भी कभी भी दिक्कत पेश आ सकती है। इसी दिक्कत से बचने के लिए हुडा के ट्यूबवेल से पानी ‘खरीदा’ जा रहा है।