HSVP सर्वे ब्रांच का ‘महाझूठ’ : ईओ से कहा गया, फाइल आईटी सेल गई हुई, आईटी सेल के जीएम बोले, फिजिकली फाइल आती ही नहीं उनके यहां

कपिल चड्ढा, पंचकूला। मुख्यमंत्री हरियाणा  व एचएसवीपी के चेयरमैन मनोहर लाल नोट करें, पंचकूला में इस्टेट आॅफिस की सर्वे ब्रांच के जेई बिल्डिंग बायलॉज की वायलेशंस पर अमल सुनिश्चित करवाने में महकमे को धोखा तो दे ही रहे, अपने इस्टेट आॅफिसर तक के सामने गलतबयानी भी करते हैं।
यह रहा जेई दर्शन का महाझूठ- पंचकूला सिटी न्यूज7  ने जेई दर्शन को मोबाइल पर सेक्टर 11 में शोरूम नंबर 8 को जारी फाइनल नोटिस का अपडेट मांगा तो जवाब मिला कि फाइल आईटी सेल के पास गई हुई और उसे पढ़ने के बाद ही कुछ बताया जा सकता है। मामला शोरूम नंबर 8 में बिल्डिंग बायलॉज की वायलेशंस का और इस्टेट आॅफिस ने ‘कागजी तौर’ पर अलॉटी को पिछले कुछ महीनों से जारी नोटिसों की प्रक्रिया के अंतिम दौर में रिजंप्शन का फाइनल नोटिस जारी कर रखा है। दरअसल, अलॉटी ने अपने यहां बड़े स्तर पर बिल्डिंग बायलॉज की वायलेशंस कर रखीं और इसका भंडाफोड़ पंचकूला सिटी न्यूज7  ने पहली बार पिछले साल 18 अक्टूबर को किया था।
उल्लेखनीय बात ये है कि जब पंचकूला सिटी न्यूज7  ने इस्टेट आॅफिसर आशुतोष राजन से पर्सनली मिलकर उपरोक्त शोरूम का अपडेट स्टेटस जानना चाहा तो जेई दर्शन ने उन्हें खुद को आॅफिस से बाहर होने की जानकारी दी।
तब इस्टेट आॅफिसर ने पीयून से संबंधित फाइल लाने को कहा। चंद मिनट बाद एक बाबू ईओ के कमरे में आया और बोला कि फाइल तो आईटी सेल में गई हुई है। तब ईओ ने गुस्से में कहा कि तीन दिन पहले भी पूछा था कि फाइल कहां है, तब भी यही जवाब मिला था, आईटी सेल कौन-सा दूर और वहां तक जाने के लिए कौन-सा ‘वीज़ा’ चाहिए। जाहिर है कि फाइल दाएं-बाएं की गई है। पहले भी यही फाइल कई दिन तक दबाकर रखी गई। इससे यही ‘बू’ आती कि दाल में कुछ काला है। बता दें कि सर्वे ब्रांच अलॉटियों के फायदे के लिए महकमे की लुटिया को डुबोने में लगी हुई है।
आशुतोष राजन ने जेईज़ का अर्से से बना ‘नेक्सस’ तोड़ने के लिए रोस्टर सिस्टम लागू किया। हरेक जेई को कुछ दिन के बाद दूसरे एरिया में लगाया जाता है। यह सिस्टम भी कामयाब नहीं हो पाया है।
पंचकूला सिटी न्यूज7  ने बुधवार की सुबह आईटी सेल के जनरल मैनेजर संजय शर्मा से बात कर सेक्टर 11 में शोरूम नंबर 8 के संदर्भ में अपडेट मांगा। जवाब में जनरल मैनेजर ने कहा कि उनके पास इस्टेट आॅफिस से कोई भी फाइल फिजिकली नहीं आती है, सो जो लॉजिक दिया जा रहा, गलत है। हां, सिस्टम के तहत छोटी-मोटी करेक्शंस के लिए इलेक्ट्रॉनिक मैसेज आते हैं, जिन्हें दो दिन के भीतर क्लीयर कर दिया जाता है। 
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