हरियाणा में प्रशासनिक ट्रिब्यूनल बनाने का रास्ता हुआ साफ, हाईकोर्ट के 30 हजार केस होंगे कम

हरियाणा प्रशासनिक ट्रिब्यूनल के गठन का रास्ता साफ हो गया है। मनोहर लाल सरकार के टिब्यूनल बनाने के प्रस्ताव को केंद्र सरकार ने मंजूरी दे दी है। प्रदेश सरकार अब टिब्यूनल की स्थापना की प्रक्रिया शुरू करेगा। करनाल में ट्रिब्यूनल को स्थापित किए जाने की संभावना है। इसके शुरू होने के बाद हाईकोर्ट से हरियाणा के कर्मचारियों से जुड़े तीस हजार से ज्यादा केस कम हो जाएंगे।

ट्रांसफर, पोस्टिंग, प्रमोशन, पेंशन, ग्रेच्युटी व एसीपी इत्यादि मामलों की सुनवाई ट्रिब्यूनल में ही होगी। हाईकोर्ट में केस का बोझ कम करने के लिए सरकार ने यह निर्णय लिया है। बीते वर्ष विधानसभा में विधेयक पारित कर ट्रिब्यूनल गठन का प्रस्ताव केंद्र सरकार को मंजूरी के लिए भेजा गया था। वैसे सीएम मनोहर लाल ने 2015 में इसके गठन को सैद्घांतिक सहमति दे दी थी।
इसके सुनवाई शुरू करने के बाद कर्मचारियों को जल्दी राहत मिल सकेगी। हाईकोर्ट में केस का निपटारा होने में लंबा समय लग जाता है, जिससे कर्मचारियों को समय पर फायदा नहीं मिल पाता। जिससे सरकार पर भी अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ता है। हिमाचल में भी पूर्व कांग्रेस सरकार ने प्रशासनिक ट्रिब्यूनल गठित किया हुआ था, जिसे वर्तमान भाजपा सरकार ने हाल ही में भंग कर दिया है।
ट्रिब्यूनल होने से कर्मचारियों को ट्रांसफर-प्रमोशन के केस में जल्दी राहत मिल जाती है।

error: Content is protected (Copyright)