गैंगस्टर सुक्खा काहलवां के जीवन पर आधारित पंजाबी फिल्म ‘शूटर’ पर पंजाब सरकार द्वारा लगाए बैन को फिल्म निमार्ता ने हाईकोर्ट में चुनौती दी। सोमवार को सुनवाई में याचिका को नए सिरे से दाखिल करने की छूट देते हुए इसे खारिज कर दिया है। याचिका पर सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार ने हाईकोर्ट को बताया कि अभी इस फिल्म को सेंसर बोर्ड ने ही पास नहीं किया है और जब तक फिल्म को सेंसर बोर्ड सर्टिफिकेट नहीं देता है तब तक इस फिल्म की रिलीज की तारीख कैसे बताई जा रही है।

बिना सेंसर बोर्ड के सर्टिफिकेट के फिल्म रिलीज ही नहीं की जा सकती है। याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट को बताया कि फिल्म पर पंजाब सरकार पाबंदी लगा चुकी है। इस पर हाईकोर्ट ने जब पाबंदी लगाने वाली पंजाब सरकार की नोटिफिकेशन मांगी तो वह याचिकाकर्ता के पास नहीं थी। लिहाजा हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता को यह याचिका वापस ले नए सिरे से से पंजाब सरकार द्वारा फिल्म पर लगाई पाबंदी की नोटिफिकेशन के साथ दायर किए जाने के आदेश देते हुए याचिका खारिज कर दी है।

फिल्म निर्माता केवल सिंह ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर बताया है की पंजाब सरकार ने बिना फिल्म को देखे ही 10 फरवरी को इस फिल्म को राज्य में रिलीज किए जाने पर पाबंदी लगा दी है। याचिकाकर्ता का कहना है कि इस फिल्म को अभी सेंसर बोर्ड ने सर्टिफिकेट भी जारी नहीं किया है और न हीं इस फिल्म को देखा गया है। ऐसे में कैसे इस फिल्म पर आपत्ति जताते हुए पाबंदी लगाए जाने के आदेश जारी कर दिए गए।

अगर इस फिल्म की रिलीज पर पाबंदी लगाई तो नुकसान हो जाएगा और वैसे भी अभी इस फिल्म को सेंसर बोर्ड पास करेगा और वही तय कर सकता है कि इस फिल्म को रिलीज किया जाए या नहीं। लिहाजा याचिकाकर्ता ने इस फिल्म पर पंजाब सरकार द्वारा लगाई पाबंदी के आदेश को रद्द किए जाने की हाईकोर्ट से मांग की थी।