Panchkula Special

वाह रे निगम: एक तरफ स्वच्छता अभियान, दूसरी तरफ कबाड़ में पड़ी रेलिंग नजरंदाज

सिटी न्यूज7, पंचकूला। इन दिनों नगर निगम, पंचकूला को ‘स्मार्ट सिटी’ बनाने के लिए ‘स्वच्छता अभियान’ चला रहा है। इसे मूर्त रूप देने के लिए लोगों को तो जागरुक किया ही जा रहा, निगम के खजाने से भी पैसा खर्च किया जा रहा है। मकसद यही कि शहर साफ-सुथरा बन जाए, पर… सेक्टर 2 और 4 की डिवाइडिंग रोड पर पिछले 5 महीने से लावारिस पड़ी रेलिंग को नजरंदाज किया जा रहा है। यह रेलिंग 25 अगस्त को शहर में उपद्रवियों द्वारा की गई तोड़फोड़ की याद दिलाती है।

याद दिलाएं कि 25 अगस्त को सिरसा डेरे के प्रमुख को पंचकूला स्थित अदालत ने एक मामले में दोषी करार दिया था। इसके बाद समर्थकों ने शहर में उत्पात मचाया। सरकारी संपत्ति को जमकर नुकसान पहुंचाया और उसी क्रम में यह रेलिंग भी तोड़ दी गई। देखिए तस्वीर। तब से लेकर अब तक यह रेलिंग यहीं धूल फांक रही है, जबकि सरकारी संपत्ति होने के नाते इसे तुरंत संभालना चाहिए था। गौरतलब है कि नगर निगम ने इसी रेलिंग समेत अन्य नुकसान की रिकवरी के संदर्भ में एक प्रस्ताव निगम हाउस की बैठक में लाने का तय किया। प्रस्ताव बीते 14 दिसंबर की हाउस मीटिंग में शामिल कर लिया गया लेकिन बाद में मीटिंग से चंद घंटे पहले ड्रॉप कर दिया गया। ताज्जुब की बात ये है कि शहर में स्वच्छता अभियान पर बहुत मैन पावर, मशीनरी और पैसा खर्च हो रहा लेकिन अपनी ही संपत्ति को संभालने की बजाय नजरंदाज किया जा रहा है। लोगबाग नगर निगम की कार्यशैली पर अंगुली उठा रहे हैं। काश! निगाम के कमिश्नर राजेश जोगपाल तक यह खबर, तस्वीर समेत पहुंच जाए और शायद वे सुध ले लें जो अर्से से नहीं ली गई निचले स्टाफ से जो शहर में सरकारी संपत्ति के रखरखाव के लिए सरकारी खजाने से वेतन लेता है।