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घग्गर पार आ रहा मल्टीफीचर्ड पार्क , देश में होगा अपनी किस्म का पहला, कंसेप्शनल प्लान हुआ अप्रूव

  • मुख्यत: ये होंगे फीचर -18 एकड़ में फाउंटेन्स, सरप्राइज़ेज़ , टोपायरी गार्डन (जानवरों की आकृतियां), रेस्तरां, ओपन स्पेस, जिम, जॉगिंग ट्रैक, वॉकिंग पाथ वगैरह बनेंगे। ’ 6 एकड़ में बैंक्विट हॉल, स्केटिंग रिंक, साइकिल ट्रैक समेत कई अन्य फीचर जुड़ेंगे।

कपिल चड्ढा, पंचकूला। चंडीगढ़ के मशहूर लैंडस्केप आर्किटेक्ट, डॉ. एस.के. नरूला, जिन्होंने राष्ट्रपति भवन दिल्ली में लैंडस्केपिंग कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया था, अब पंचकूला में 24 एकड़ एरिया में मल्टीफीचर्ड ‘रिक्रिएशनल जोन’ डेवलप करने जा रहे हैं। यह अपनी किस्म का देश में पहला होगा।
इसका कंसेप्शनल प्लान डॉ. नरूला ने तैयार किया जिसे हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के चीफ एडमिनिस्ट्रेटर जे. गणेशन ने मंगलवार को बुलाई उच्चस्तरीय मीटिंग में अप्रूव कर दिया है। करोड़ों रुपए की लागत से बनने जा रहे इस प्रोजेक्ट के लिए अब हॉर्टिकल्चर व सिविल विंग एस्टीमेट तैयार करेंगे। जाहिर है कि पंचकूलावासियों के लिए यह गुड न्यूज है। इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट के सिरे चढ़ने पर पंचकूलावासियों को वीकेंड बिताना हो या फिर परिवार के साथ सुबह-शाम घूमना, टहलना या फिर छुटपुट गेटटुगेदर करना हो तो बढ़िया डेस्टिनेशन घर के पास ही मिल जाएगा। मौके पर काम शुरू होने में एक साल लग सकता है लेकिन यह प्रोजेक्ट सिरे चढ़ना तय है क्योंकि इसे हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण ने अपने बूते पर ही डेवलप करना है। गौरतलब है कि यह सारा प्रोजेक्ट उसी जमीन पर बनने जा रहा, जहां करीब 20 साल पहले प्राधिकरण ने आर्टिफिशियल लेक बनाने का सोचा था। यह बात अलग है कि तकनीकी कारणों व हरियाणा के सिंचाई विभाग की सिफारिशों के चलते लेक का प्रोजेक्ट ड्रॉप करना पड़ गया था। वर्ना, यहां आर्टिफिशियल लेक बननी थी, जोकि शिवालिक की पहाड़ियों से निकलने वाले नांदना-चौ के पानी को ट्रैप करके बनाई जानी थी ताकि पंचकूलावासियों को घूमने-फिरने, टहलने के लिए कोई डेस्टिनेशन मिल जाता। लेकिन… नांदना-चौ की जमीन रेतीली है, सो यहां पानी का टिक पाना संभव नहीं। लिहाजा, लेक बनाना पैसों की वेस्टेज माना गया। अब उसी नांदना-चौ से सटी सेक्टर 24 की जमीन पर डॉ. एस.के. नरूला ने हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के साथ बतौर कंसल्टेंट काम करते हुए मल्टीफीचर्ड रिक्रिएशनल जोन का प्लान बनाया, जिसे चीफ एडमिनिस्ट्रेटर ने अप्रूव कर आगे की तैयारियों को मूर्त रूप देने को कह दिया है। डॉ. नरूला, पंजाब के राज्यपाल के एडवाइजर (हॉर्टिकल्चर) भी रह चुके हैं।