दिल्ली पुलिस ने कांग्रेस की पूर्व निगम पार्षद इशरत जहां को हिंसा भड़काने के आरोप में गिरफ्तार किया है. इशरत जहां जगतपुरी इलाके की पूर्व निगम पार्षद रही हैं.

इशरत दिल्ली पुलिस ने कांग्रेस की पूर्व निगम पार्षद इशरत जहां को हिंसा भड़काने के आरोप में गिरफ्तार किया है. इशरत जहां जगतपुरी इलाके की पूर्व निगम पार्षद रही हैं. पुलिस के मुताबिक इन पर खुरेजी में हिंसा फैलाने का आरोप है. ये भी पढ़ेंः तो शायद हम भी लिंच हो जाते, दिल्ली हिंसा में घायल ACP ने सुनाई आपबीती बता दें कि नागरिकता संशोधन कानून को लेकर हिंसा भड़कने के बाद शनिवार को उत्तर पूर्वी दिल्ली में अधिकांश जगहों पर माहौल शांतिपूर्ण है. हालांकि, जिन जगहों पर हिंसा हुई है उनके आसपास के क्षेत्रों में ज्यादा लोगों के एकत्र होने या फिर बड़ी सभा पर अब भी पाबंदी है.

उत्तर पूर्वी दिल्ली में हुई हिंसा में अब तक 41 लोगों की मौत को चुकी है और करीब 200 लोग घायल हैं. ये भी देखेंः दिल्ली हिंसा का डरावना सच, पत्थरबाजी से 22 लोगों की मौत, 13 गोली के शिकार गृह मंत्रालय के मुताबिक, उत्तरी दिल्ली नगर निगम ने सार्वजनिक स्थानों से अधिकांश मलबा हटा दिया है. हिंसा में 300 से ज़्यादा लोग घायल हैं. पुलिस ने अब तक 123 एफ़आईआर दर्ज की है और 630 लोगों को हिरासत में लिया. दिल्ली पुलिस ने हिंसा के मामलों की जांच के लिए दो एसआईटी बनाई हैं. 24 फरवरी के बाद से उत्तर पूर्व दिल्ली के हिंसा प्रभावित इलाकों में बड़े पैमाने पर सुरक्षा बलों को तैनात किया गया है.

पुलिस ने शुक्रवार को नॉर्थ-ईस्ट दिल्ली में हुई हिंसा में 35 लोगों के मारे जाने के कारणों का खुलासा किया और उनकी मौत की वजह भी बताई. 35 में से 22 की मौत पथराव या उन पर हुए शारीरिक हमले से हुई जबकि 13 की मौत बंदूक की गोली लगने से हुई. पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, अब तक के उपलब्ध रिपोर्ट के मुताबिक हिंसा के दौरान (मंगलवार तक) 35 लोगों ने चोट लगने या अन्य कारणों से दम तोड़ा. गोली लगने से 13 लोगों की मौत हुई जबकि 22 लोग चोट लगने की वजह से गंभीर रूप से घायल हुए और बाद में उनकी मौत हो गई.