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रेलवे स्टेशन-चंडीगढ़ की सड़क ही बनवा दें एमएलए साहेब

चंडीगढ़ फिर से जुटा कोशिशों में। पंचकूला से भी जोर लगे तो बन जाए बात
लोकेश चड्ढा, पंचकूला। चंडीगढ़ प्रशासन ने वाया रेलवे स्टेशन पंचकूला के लिए वैकल्पिक सड़क बनाने के लिए रेलवे से क्लीयरेंस लेने की कोशिशें फिर से शुरू कर दी हैं। हालांकि क्लीयरेंस मिलना आसान नहीं लेकिन चंडीगढ़ का मानना है कि अगर पंचकूला की तरफ से भी बराबर का जोर लगे तो बात बन सकती है। यानी, विधायक ज्ञानचंद गुप्ता और सांसद रत्न लाल कटारिया को सरकार की तरफ से रेलवे पर दबाव बनाना होगा कि चंडीगढ़ और पंचकूला के बीच बनने वाली नई सड़क के लिए उत्तर रेलवे अपने अधिकार क्षेत्र में सड़क बनाने की मंजूरी दे दे।
इस संदर्भ में पंचकूला सिटी न्यूज7  के संपर्क करने पर चंडीगढ़ प्रशासन के चीफ इंजीनियर मुकेश आनंद ने कहा कि पंचकूला की तरफ से भी जोर लगे तो बात बन सकती है। लाजमी तौर पर रेलवे पर दबाव बढ़ेगा और प्रस्तावित सड़क बनने का रास्ता जल्द साफ हो सकता है।
काबिले जिक्र है कि कई साल पहले तक पंचकूला से चंडीगढ़ के लिए वैकल्पिक सड़क के लिए सरकारी अफसर खूब भागदौड़ करते दिखे और अब मुद्दा बिल्कुल ठप्प हुआ पड़ा है। जबकि पंचकूला-चंडीगढ़ के बीच आवागमन के लिए एक और सड़क मिलना उतना ही अब भी जरूरी, जितना कई साल पहले था। जानकारी के अनुसार जुलाई 2015 में उत्तर रेलवे से अतिरिक्त सड़क के लिए अप्रूवल मांगी गई थी जो आज तक नहीं मिली। अब इसके लिए चंडीगढ़ प्रशासन फिर से प्रयास कर रहा लेकिन पंचकूला की तरफ से कोई हलचल नहीं हो रही। यही चिंता का विषय है। मानो, पंचकूला-चंडीगढ़ के बीच अतिरिक्त सड़क की जरूरत सिर्फ चंडीगढ़वासियों को        ही है।
बीते अर्से में जो प्रोपोजल बनी थी, उसमें पंचकूला के लिए नई सड़क सेक्टर 17/18 की डिवाइडिंग रोड से आगे रेलवे स्टेशन के ऊपर से दड़वा स्थित श्मशानघाट तक बननी थी। जाहिर है कि अगर प्रोपोजल सिरे चढ़ती है तो हाउसिंग बोर्ड चौक के रास्ते चंडीगढ़ के मध्यमार्ग पर आवाजाही का दबाव काफी कम तो होगा ही, चंडीगढ़ के दक्षिणी हिस्से में बसे सेक्टरों समेत मोहाली आदि की तरफ जाने के लिए करीब 3 किलोमीटर तक का शॉर्टकट भी मिल जाएगा। यूं भी चंडीगढ़ के लिए वैकल्पिक सड़कें जितनी भी बनें, जरूरी होंगी।
चंडीगढ़ प्रशासन के चीफ इंजीनियर मुकेश आनंद ने कहा कि… हम अपनी तरफ से परस्यू कर रहे हैं। प्रस्तावित सड़क के बीच रेलवे का पोर्शन भी आता और उसके लिए मंजूरी मिलने में थोड़ा दिक्कत आ रही है।