वाह रे बाबुओ, कर दिया अर्थ का अनर्थ

सिटी न्यूज7 , पंचकूला। सरकारी बाबुओं की कार्यशैली के चलते कभी अर्थ का अनर्थ हो जाना कोई बड़ी बात नहीं है। बाबू जैसे समझेंगे, उसी हिसाब से फाइल आगे सरकेगी। जी हां, ऐसा ही अनुभव हुआ है पंचकूला में सेक्टर 12 निवासी आर.के. अग्रवाल को।
अग्रवाल ने 24 अक्टूबर 2016 को हरियाणा के मुख्यमंत्री को चिट्ठी लिखकर एचएमसीपी (हरियाणा म्युनिसिपल सिटीजंस पार्टिसिपेशन) एक्ट-2008 को लागू कर पंचकूला समेत हरियाणा वासियों को ‘दिवाली गिफ्ट’ देने का आग्रह किया था। दिवाली गिफ्ट शब्द इसलिए इस्तेमाल किया गया था क्योंकि चंद दिनों बाद दिवाली आने वाली थी।
लेकिन…सरकारी बाबुओं ने अग्रवाल की चिट्ठी का मजमून गौर से पढ़ा ही नहीं। नतीजा सामने है। चिट्ठी तब से बाबुओं के टेबल पर घूम रही है। अग्रवाल ने जो आग्रह किया था उस पर तो गौर हुआ ही नहीं, बल्कि अर्थ का अनर्थ निकाल लिया गया।
इंडियन रेडक्रॉस सोसायटी ने अग्रवाल को 5 जुलाई (जो बीत चुकी) को मीटिंग के लिए बुलाया, हालांकि यह चिट्ठी अग्रवाल को 23 जुलाई को मिली। इस चिट्ठी के मजमून से ऐसा लग रहा, मानो अग्रवाल ने सरकार से कोई गिफ्ट मांगा था, जबकि अग्रवाल की चिट्ठी का रेडक्रॉस से कोई वास्ता नहीं।

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