चंडीगढ़. चंडीगढ़ के पीजी में आग लगने की घटना को लेकर डीसी मनदीप बराड़ ने एसडीएम एसके जैन को जांच का आदेश दिया है। उन्होंने एसडीएम से एक हफ्ते में जवाब मांगा है। इसके अलावा तीन और एसडीएम को अपने-अपने एरिया में चल रहे अवैध पीजी की जांच करने और उसकी रिपोर्ट तीन दिन में सब्मिट करने के लिए कहा गया है। जहां बच्चों की सेफ्टी के लिए इंतजाम नहीं हैं, उन पर हेवी पेनल्टी और सील करने के लिए कहा गया है।

शनिवार को सेक्टर-32 की कोठी नंबर-3325 में बने पीजी में आग लगी थी।  लैपटॉप के चार्जर से हुई स्पार्किंग से लगी आग में कपूरथला की रिया अरोड़ा, कोटकपूरा की पाक्षी और हिसार की मुस्कान की मौत हो गई थी। जबकि दो लड़कियों ने कूदकर अपनी जान बचाई थी।

सेक्टर-32 के जिस पीजी में आग लगी, वहां पूरे घर में अर्थिंग की प्राॅबल्म थी। दो बार शिकायत भी की गई, लेकिन किसी ने नहीं सुनी। नतीजन जब लैपटॉप का चार्जर लगाया तो स्पार्किंग हुई और प्लाई व फाइबर से बना पीजी पूरी तरह जल गया। पुलिस की शुरुआती जांच में इस बात का खुलासा भी हुआ है।  पुलिस ने पीजी चलाने वाले नितेश बंसल के अलावा पार्टनर नितेश पोपली और कोठी के मालिक गौरव अनेजा के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। नितेश और गौरव फरार हैं। आरोपी नितिन बंसल को पुलिस ने रविवार को ड्यूटी मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया। उसे दो दिनों के रिमांड पर भेज दिया गया है।