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आज शनि अमावस्या, अनेक बाधाओं से मुक्ति पाने का दुर्लभ समय: अंजू आनंद

चंडीगढ़। ज्योतिष-आचार्या अंजू आनंद का कहना है कि अमावस्या अगर शनिवार को आये तो उसका महत्त्व बहुत बढ़ जाता है क्योंकि कई धार्मिक कृत्य केवल अमावस्या तिथि के दिन ही किये जाते हैं। शनि संबंधी अनेक बाधाओं से मुक्ति पाने का यह दुर्लभ समय होता है 7
शनिवार को आने वाली अमावस्या को शनि अमावस्या कहा जाता है यह पितृकार्येषु अमावस्या और शनिश्चरी अमावस्या के रूप में भी जानी जाती है। शास्त्रों के अनुसार इसे अति दुर्लभ संयोग माना जाता है वर्ष भर में एक या दो बार ही शनि अमावस्या आती है कभी-कभी वर्ष में एक बार भी शनि अमावस्या का योग नहीं बनता 7
ज्योतिष-आचार्या अंजू आनंद के अनुसार 9 जनवरी 2016 को सूर्योदय सुबह 7.25 बजे होगा। अमावस्या 8.01 बजे लगेगी, इसलिए यह पूरी तरह से शनिश्चरी भी नहीं है। लेकिन वर्ष 2016 में एक ही बार शनि अमावस्या का संयोग 9 जनवरी 2016 को बनेगा उसमें भी अमावस्या तिथि क्षय हो रही है लेकिन सूर्योदय से 3 घटी यानी 72 मिनिट बाद लगने वाली तिथि मान्य होने से ये शनिचरी अमावस्या कहलाएगी। यह वर्ष की पहली और आखिरी शनि अमावस्या होने के कारण महत्त्वपूर्ण है
पौराणिक धर्म ग्रंथों और हिन्दू मान्यताओं में शनि अमावस्या की काफ़ी महत्ता बतलाई गई है। जिन जातकों की कुण्डली में पितृदोष हो उन्हें पितृदोष की पीड़ा से राहत पाने के लिए शनि अमावस्या के दिन पितरों का श्राद्ध अवश्य करना चाहिए ऐसा विश्वास है कि आरोग्य लाभ, पुष्टि और वंश वृद्धि के लिए पितरों का अनुग्रह जरूरी है ।
साथ ही कालसर्प योग, ढैय्या तथा साढ़ेसाती सहित शनि संबंधी अनेक बाधाओं से मुक्ति पाने के लिए शनि अमावस्या एक दुर्लभ दिन व महत्त्वपूर्ण समय होता है। इन दिनों तुला, वृश्चिक और धनु राशि वाले व्यक्ति साढ़ेसाती के प्रभाव में चल रहे हैं, जबकि कुम्भ और मिथुन राशि के जातक ढ़ैय्या के प्रभाव में है, ज्योतिष-आचार्या अंजू आनंद के अनुसार वह सभी जातक शनि की शांति तथा कृपा के लिए ये निर्दिष्ट उपाय कर सकते हैं।
1. दशरथ कृत शनि स्तोत्र का पाठ करें :
2. आज काले उड़द, सरसों का तेल, इन्द्रनील (नीलम), काले तिल, कुलथी, भैंस, लोह, दक्षिणा और श्याम वस्त्र का दान करें।
3. शनि मंत्र- “ऊँ शं शनैश्चराय नम:” का जप कम से कम 108 बार करें।
4. ओम् प्रां प्रीं प्रौं शं शनैश्चराय नम: मंत्र का जप कम से कम 108 बार करें।
5. पीपल के पास बैठ कर शनि के 10 नाम 1. कोणस्थ 2. पिंगल 3. बभ्रु 4. कृष्ण 5. रौद्रान्तक 6. यम 7. सौरि 8. शनैश्चर 9. मन्द 10. पिप्पलाश्रय का जप करें ।
6. शनि अमावस्या पर भगवान शनि देव से अपने समस्त बुरे कर्मों के लिए माफ़ी मांग लेनी चाहिए और निम्न मंत्रों का जाप करना चाहिए

शनि मंत्र व स्तोत्र सर्वबाधा निवारक वैदिक गायत्री मंत्र-
“ॐ भगभवाय विद्महे मृत्युरुपाय धीमहि, तन्नो शनि: प्रचोदयात्।”

7. अनावश्यक कष्टों एवं शत्रुओं से छुटकारा पाने के लिए कष्ट निवारण शनि मंत्र का जप करें –
“शूलधर: किरीटी गृघ्रस्थितस्त्रसकरो धनुष्मान्।
चर्तुभुज: सूर्यसुत: प्रशान्त: सदाऽस्तुं मह्यं वरंदोऽल्पगामी॥”

8. कारोबारी, पारिवारिक या शारीरिक समस्यायों से छुटकारा पाने के लिए शनि पत्नी नाम स्तुति करें
“ॐ शं शनैश्चराय नम: ध्वजनि धामिनी चैव कंकाली कलहप्रिया।
कंटकी कलही चाऽथ तुरंगी महिषी अजा॥
ॐ शं शनैश्चराय नम:”

9. यदि इनमें से कोई भी संभव न हो तो इस दिन किसी कुत्ते या भिखारी को भोजन कराना भी अत्यंत श्रेष्ठ उपाय है।